23.9.26

 यहाँ सर क्रीक और उत्तर-पूर्वी अरब सागर में भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में बढ़े तनाव पर एक विस्तृत और विश्लेषणात्मक ब्लॉग पोस्ट प्रस्तुत है:


सर क्रीक के पास पाकिस्तानी नौसेना का आक्रामक रुख: जानिए क्या है भारत की तैयारी और गुजरात सीमा का हाल

उत्तर-पूर्वी अरब सागर और गुजरात से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक बार फिर स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। हाल ही में पाकिस्तानी नौसेना के आक्रामक रवैये और गैर-पेशेवर हरकतों ने भारत और पाकिस्तान के बीच समुद्री सीमा पर हलचल बढ़ा दी है। पाकिस्तानी नौसेना के वार्षिक युद्ध अभ्यास SEASPARK 2026 के दौरान हुई घटनाओं ने भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल (Coast Guard) को पूरी तरह से अलर्ट पर ला दिया है।

आइए समझते हैं कि सर क्रीक के पास वास्तव में क्या हुआ, पाकिस्तान की रणनीति क्या है और भारत इसका जवाब किस तरह दे रहा है।

1. 15 सितंबर की घटना: समुंद में टकराने से बचे दो युद्धपोत

15 सितंबर को उत्तर-पूर्वी अरब सागर में अंतरराष्ट्रीय जलसीमा पर नियमित गश्त के दौरान भारतीय नौसेना के विध्वंशक युद्धपोत INS कोलकाता के करीब पाकिस्तानी नौसेना का यारमूक-क्लास कॉरवेट PNS हुनैन बेहद तेज रफ्तार में आ गया।

  • नियमों का उल्लंघन: 1991 के भारत-पाकिस्तान समझौते के अनुच्छेद 10 के अनुसार, दोनों देशों के युद्धपोतों को आपस में कम से कम 3 समुद्री मील (Nautical Miles) की सुरक्षित दूरी बनाए रखनी होती है।

  • राजनयिक विरोध: भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने इसे समझौते का स्पष्ट उल्लंघन मानते हुए इस्लामाबाद के 'चार्ज डी अफेयर्स' को तलब किया और कड़ा राजनयिक विरोध दर्ज कराया।

सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल एक इत्तेफाक या मानवीय भूल नहीं, बल्कि भारत की समुद्री तैयारियों को परखने की इस्लामाबाद की एक सोची-समझी आक्रामक चाल थी।

2. SEASPARK 2026 और 'हरामी नाला' का संवेदनशील इलाका

यह पूरी घटना पाकिस्तानी नौसेना के बड़े द्विवार्षिक अभ्यास SEASPARK 2026 के दौरान हुई, जो 1 सितंबर से शुरू हुआ है।

  • क्रीक एरिया और हरामी नाला: यह अभ्यास सर क्रीक और उससे सटे दलदली इलाके (जिसे 'हरामी नाला' भी कहा जाता है) के बेहद पास आयोजित किया जा रहा है।

  • तकनीक पर जोर: इस बार पाकिस्तान अपने अभ्यास में ड्रोन स्वार्म्स (Swarms of Unmanned Drones), मल्टी-डोमेन ऑपरेशन्स और बिना इंसानी दखल वाले समुद्री सिस्टम की तैनाती पर विशेष जोर दे रहा है।

  • लाइव फायरिंग नोटिफिकेशन: INS कोलकाता के साथ हुई घटना के कुछ ही दिनों बाद पाकिस्तानी नौसेना ने इस इलाके में 'लाइव नेवल फायरिंग एक्सरसाइज' का भी आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

3. साउथ चाइना सी मॉडल और 'ग्रे ज़ोन' रणनीति की नकल

रक्षा विश्लेषकों की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान समुद्र में चीन की विवादित रणनीतियों को अपना रहा है:

1. सलामी-स्लाइसिंग (Salami Slicing) और EEZ का विस्तार:
पाकिस्तान टेरिटोरियल बेसलाइन में हेरफेर करके और क्रीक इलाके में कृत्रिम ढांचे बनाने की कोशिश करके अपने एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (EEZ) पर बनावटी दावे पेश करने में लगा है।

2. समुद्री मिलिशिया (Maritime Militia):
चीन की 'ग्रे ज़ोन' रणनीति की तर्ज पर पाकिस्तान भी सशस्त्र असैन्य नौकाओं (Fishing Boats) और मिलिशिया यूनिट्स को नौसैनिक बेड़े के साथ इस्तेमाल कर रहा है ताकि जरूरत पड़ने पर आधिकारिक जवाबदेही से बचा जा सके।

4. गुजरात सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और भारतीय नौसेना का अलर्ट

पाकिस्तान की इन उकसावे वाली गतिविधियों के जवाब में भारत ने गुजरात सीमा और पश्चिमी समुद्री तट पर बहुस्तरीय सुरक्षा चक्र तैनात कर दिया है:

बल (Force)तैनाती और भूमिका
भारतीय नौसेना (Indian Navy)अरब सागर में चौबीसों घंटे हाई-अलर्ट पर गश्त, युद्धपोतों और पनडुब्बियों की मुस्तैद तैनाती।
भारतीय तटरक्षक बल (ICG)सर क्रीक और कच्छ के तटीय इलाकों में फास्ट इंटरसेप्टर बोट्स द्वारा निरंतर निगरानी।
सीमा सुरक्षा बल (BSF)क्रीक और 'हरामी नाला' के दलदली इलाकों में ऑल-टेरेन व्हीकल (ATV) और मैकेनाइज्ड क्राफ्ट्स के जरिए गश्त।

निष्कर्ष

भारतीय विदेश मंत्रालय और नौसेना ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों और शांति का पालन करने के पक्ष में है, लेकिन अपनी क्षेत्रीय अखंडता और समुद्री सीमाओं से कोई समझौता नहीं करेगा। पाकिस्तान यदि किसी भी प्रकार के दुस्साहस या 'समुद्री जिहाद' की कोशिश करता है, तो भारतीय बल किसी भी परिस्थिति का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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